Why shouldn’t I want you since nothing is comparable to you – Ye Hawa Ye Raat Ye Chaandani, Teri Ek Ada Pe Nisaar Hain…

ये हवा ये रात ये चाँदनी
तेरी ईक अदा पे निसार है
मुझे क्यूँ ना हो तेरी आरज़ू
तेरी जुस्तज़ू में बहार है

तुझे क्या ख़बर है ओ बेख़बर
तेरी ईक नज़र में है क्या असर
जो ग़ज़ब में आए तो क़हर है
जो हो मेहरबाँ वो क़रार है
मुझे क्यूँ ना हो तेरी आरज़ू
तेरी जुस्तज़ू में बहार है

तेरी बात-बात है दिलनशीं
कोई तुझसे बढ़ के नहीं हसीं
है कली-कली में जो मस्तियाँ
तेरी आँख़ का ये ख़ुमार है
मुझे क्यूँ ना हो तेरी आरज़ू
तेरी जुस्तज़ू में बहार है
ये हवा ये रात ये चाँदनी
तेरी ईक अदा पे निसार है…

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